काव्य संकलन - राजवीर त्यागी
    संकल्प, सार्थक एवम अक्षय प्रयास "दिवंगत श्री राजवीर त्यागी की यादो को जीवित रखने का"





काव्य संकलन - राजवीर त्यागी

कविता - कारावास

हम सबकी चेतनाएँ
फाइलों के धागों में
कस-कस कर जकड़ी है
मुटठी में पकड़े हैं
हम सबने पेट,
मेरु पर चिपके हैं
अनगिनती टेप।
बड़े - बड़े रस्सों से
बांधकर हम सबको
इस अंधी घाटी में कैद कर डाला है
मुटठी भर लोगों ने
चबा - चबा डाली है
हम सबकी छातियाँ
हम सबके चेहरों पर
मरने से पहले की आकुलता,
हम सब बदहवास
उफ !
पूरी की पूरी पीढ़ी का कारावास।