काव्य संकलन - राजवीर त्यागी
    संकल्प, सार्थक एवम अक्षय प्रयास "दिवंगत श्री राजवीर त्यागी की यादो को जीवित रखने का"





काव्य संकलन - राजवीर त्यागी

गीत और ग़ज़ल - बातें करो

दूरियों से दूर रहकर पास से बातें करो ,
व्यर्थ है संशय कभी विश्वास से बातें करो।
यदि कभी एकान्त के दो चार क्षण मिल जायें तो ,
अपने मन में तुम मेरे इतिहास से बातें करो।
पतझरी अवसाद का धुलना असंभव है नहीं ,
पास ही होगा कहीं मधुमास से बातें करो।
यदि कभी भी आपसे हो जाये अपना सामना ,
सच्चे दिल से अपने दिल की प्यास से बातें करो।
हो बहुत ही व्यस्त लेकिन क्या बुरा है दो घड़ी ,
पास में बैठो कभी विश्वास से बातें करो।
यह तनावी भंगिमा सिकुड़ी हुई अभिव्यक्तियाँ ,
त्याग कर होकर सहज , उल्लास से बातें करो।
आप अपने पास बिल्कुल पास आकर भी कभी ,
खूब खुलकर आपके अहसास से बातें करो।
आपने अपने अँधेरे खुद बुने , खुद खो गये ,
सच को सच मानो कभी प्रकाश से बातें करो।
फूल का मौसम उतरने के लिए बेचैन है ,
चांदनी में तुम खुले आकाश से बातें करो।
भाव की डोली लिये द्वारे खड़ा है काफिया ,
तुम बहर से कथ्य से विन्यास से बातें करो।