काव्य संकलन - राजवीर त्यागी
    संकल्प, सार्थक एवम अक्षय प्रयास "दिवंगत श्री राजवीर त्यागी की यादो को जीवित रखने का"





काव्य संकलन - राजवीर त्यागी

गीत और ग़ज़ल

निर्मितियों तक मिली जहां से भी स्वीकृति मिली ,
स्थापित प्रतिमाओं की प्रतिकूल प्रवृति मिली।
मुझको ऐसे दर्पण के पानी पर शंका है ,
जिससे जब भी मिली बिम्ब को कुछ विकृति मिली।

सब उबटन, सारा लेपन, सारा खिजाब उतरेगा ,
कल उतरे या आज मगर सबका नकाब उतरेगा।
जिस क्यारी की कोख चुभन सहलेगी काटों की ,
एक रोज उसके आंगन नन्हा गुलाब उतरेगा।