काव्य संकलन - राजवीर त्यागी
    संकल्प, सार्थक एवम अक्षय प्रयास "दिवंगत श्री राजवीर त्यागी की यादो को जीवित रखने का"

परिचय - चन्द्रपाल सिंह

जन्म :- 31 जुलाई १९५३

जन्म स्थान :- बोधापुर , जनपद उन्नाव (उ ० प्र ० )
७३३, सिल्वर क्राउन , गाँधी पथ (पश्चिम) ,
लालर पुरा , वैशाली नगर जयपुर ,
दूरभाष : - ८०५८८८००८०
संप्रीत :अनुसन्धान एवम विकास विभाग के. सी. सी में रसायनज्ञ
रूचि : कविता सृजन, एवम कविता पाठन

सृजन

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प्रकाशित आलेख

'मरुगंधा ' साहित्यक त्रैमासिक
पूर्वे सदस्य : हिंदी साहित्य अकादमी

मैं और मैरी सोच

कविता मेरे लिये वयवसाय नहीं है और ना ही मैं सोचकर कविता लिखता हूँ । मेरे लिए कविता एक अनुभव है , एक दर्द है जो मुझे कचोटता रहता है और कागज़ पर उतर जाता है । मुझे कविता लिखते समय चाय या सिगरेट की जररुरत नही महसूस होती । जब कोई बात सहन नहीं कर पाता तो टूटे -पुटे शब्दो में प्रतिक्रिया व्यक्त कर देता हूं । उसे आप चाहे कविता कहे या कुछ और कुछ । हाँ, मेरे कुछ साथी उसकी प्रसन्नसा कर देते है तो बहुत अच्छा लगता है जैसे मे उसकी आवाज को ताखत मिल गयी हो । मे छपने छापने मे विस्वास नहीं करता । बहुत सी रचनाएं छपती है या जो जोड़ तोड़ कर छपवाई जाती है , फिर रद्दी के भाव बिक जाती है ऐसी रचनाएँ निरर्थक होते हुए भी अर्थ हीन हो जाती है । मैं हमसे उसकी आवाज बनना चाहता हूँ जो जुबान होते हुए भी गूंगे है । यदि मेरी तुकबंदियाँ जरा भी दर्द को अभिवक्ति दे सकी तो में अपना प्रयास सफल मानुगा ।